वो ख़ामोशी
ये वो ख़ामोशी तो नहीं जिसका ख़ाब मैने हर रोज तुम्हारे साथ देखा था आज जो ख़ामोशी हमारे दरमियान हैं ये वो ख़ामोशी तो नहीं जो मुझे सुकून देती हैं जिस खामोशी में छाया हो विश्वास की एक माँ के आँचल सी ये वो खामोशी तो नहीं जिसकी मैने कल्पना की थी ये उस सुकून भरी खामोशी की महक तो नहीं जिसमें कोई सवाल नहीं किसी के लिए जिसमें कोई शिकायत नहीं किसी से ये उस बीज़ का पौधा तो नहीं जो हमनें बोया था जिसे एक लंबे अर्से तक सिंचा, सुरक्षित किया था इस रिश्ते का ये वो पडाव तो नहीं जिसकी ख्वाहिश की थी ये वो बंधन तो नहीं जिसकी मुझे तलाश थी ये वो खामोशी तो नहीं जिसमें इरादे सूकून और बरकत हो बस महसूस होती है तो उलझने ही उलझने ये वो खामोशी तो नहीं जंहा लगे पा लिया सब अब कोई नयी आश नहीं, कोई नयी मंज़िल नहीं, रास्ते हो और चलते रहना हो बस! ये वो खामोशी तो नहीं! ये वो ख़ामोशी तो नहीं जिसकी मुझे तलाश थी ये वो खामोशी तो नहीं जिसकी मुझे तलाश है