Posts

Showing posts from June, 2020

दर्द-ए-प्याले; शायरी

(1)   मेरे शब्द और तीखे नही हुए थे , पिछली मर्तबा से। बस माफी के खत इस दफा, तुम्हारे नाम जरूरत से ज्यादा थे। तुम गुन्हा भी कर देती थी तो तुम्हारे हिस्से दर्द नही था। हम दर्द में कभी उफ्फ भी कर दिया करते थे , तो उसका कोई  कारण नही था। कब्र तो हम दोनो ने मिलके खोदी थी इस रिश्ते की । इसके ख़तबे पे ज़हर ए नाम सिर्फ हमारा क्यों था। मन के मिज़ाज़ का मसला हैं ज़नाब,  नही तो लोग यूँ दूसरों का हक़ ना छीना करते। बात सिर्फ पेट की ही होती, तो आधी में भी गुज़र कर लेते!           (2) जो लोग थे अपने,वो पराये हो गए हैं   जो शौक थे पराये,वो अपने हो गए हैं  इस मांसल हड्डियों के ढांचे को हर पल जला रहे हैं   एक बुझती नहीं है कि उसी से दूसरी सुलगा रहे हैं  (3) एक रात जब थक गए इंतजार कर के, तो ली बोतल शराब की और इस जिस्म में उड़ेल डाली म न हल्का नहीं हुआ उससे भी तो वो खाली बोतल दीवार पर टंगी उसकी तस्वीर पे दे डाली  कर्कश साँसे गला चीरती रहीं फिर भी,  सुकून देने को ये कहाँ राज़ी थी,  ज़मीं पर पड़े काँच के टुकड़े से, ये नवज काट ...

तुम!

तुम ही किताब हो मेरी, बस तुम्हे ही पढ़ना चाहता हूँ। तुम इम्तिहान भी हो मेरा, जिसे मैं पास करना चाहता हूँ। तुम भूत में भी हो मेरे, जिसे मैं कभी भूलना नही चाहता हूँ। तुम वर्तमान में भी हो मेरे, जिसे मैं हर वक्त अपनाता हूँ। तुम भविष्य में भी रहो मेरे, बस इतना ही चाहता हूँ।   शायद खुद की कद्र नही तुम्हे, शायद खुद से प्यार नही तुम्हे। इसलिए ही तो मैं हर बार ठुकराया जाता हूँ। हर बार ठुकराया जाता हूँ, कुछ नया सिखकर फिर से तेरे पास ही लौट आता हूँ। जो तेरे साथ स्वप्न देखे वो देखूँ किसी और के साथ, वो स्वप्न कभी पूरे नही कर पता हूँ। इसलिए फिर से हर बार की तरह तेरे पास चला आता हूँ। इस अनजान सफर का भटका राहगीर बन कर रह जाता हूँ। तेरे अलावा इस पथ पर साथी किसी और को नही बना पता हूँ।   कब पूर्ण बनूँगा तेरे लिए नही जनता, जँहा जिसमे तुझे देखूं बस तुझे ही पता हूँ।

What If I Will Die Tomorrow

Hope I have nothing left with me to share.  Hope I won't regret why I didn't do There could be a different end  There could be "it is okay" on people's mistake There could be forgiveness There could be less hatred I could spread more love to the universe I could spread more peace to a one There could be some more things,  W hich I could consider or thought. There could be a more positive way to look at others I could die more liberated I could give a beautiful message of peace.   #deepak kumar