मानव की क्रूरता ।।।। एक कविता मेरी डायरी से।।।।।




एक कविता मैं अपनी डायरी से आपके साथ यहाँ साझा कर रहा हूँ। मैं एक स्त्री नही हूँ अतः उसके दर्द को शायद उतनी भलीभाँति बयां ना कर पाया हूँ। इसे मेरी एक कोशिश समझ के स्वीकार करे व अपनी टिप्पणी के माध्यम से अपने विचारो से मुझे अवगत कराएं।

Comments

Mona mandloi said…
Educate a man and you educate an individual. Educate a woman and you educate a family.
Yes, probably you are correct