एक दिन

 नाजिर है हम भी, नाजिर हो तुम भी

आज तुम सब हमारे जनाजे के हो

कल, सब तुम्हारे जनाजे के होंगे

जब ना तुम होगे ना हम होंगे

जनाजे कई, नामवालो, के भी होंगे और ऐसे ही कई नाम कब्रिस्तान के खतबो पे भी लिखे होगें।

क्या नाम, क्या जात, क्या धर्म, क्या रंग, क्या ऊँच नीच और क्या रूप, किस मद्द में हो? 

एक दिन हम सब इसी जमी में दफन होंगे 

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