अलविदा

चलो अब अलविदा कह दो....
रुको ढहरो एक पल एक अंतिम दुआ पढ़ लूँ....
इन साँसों के रुक्सत लेने से पहले....
तेरी हर दुआ कुबूल हो, तमाम सपने जो तूने देखे हैं वो पूरे हो!!
फिर उन सपनो मैं मेरी तस्वीर चाहे अधूरी हो....
एक क़तरा भी आँसू ना गिरे तेरी आँख से...
इबादत में, मैं यही माँगता हूँ  तुझसे बस मेरी ये अंतिम दुआ कुबूल हो...
मंज़िल तेरी चाहे तुझसे कितनी भी दूर हो, पर तू ना कभी ख़ुशी से मरहूम हो...
मेरी इबादत की ये अंमित दुआ कुबूल हो...

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